शहीद पिता को 2 महीने के दुधमुंहे बेटे ने दी मुखाग्नि तो भर आईं वहां मौजूद लोगों की आंखें


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New Delhi : सैन्य प्रशिक्षण के दौरान शहीद हुए अरुण राणा के पार्थिव शरीर का शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया गया। शहीद अरुण राणा की आकस्मिक मौत से जहां एक और उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। शहीद के पैतृक गांव देवबंद के रणखंडी में मातम पसरा था। शुक्रवार को राष्ट्रीय सम्मान के साथ गांव में सुबह करीब दस बजे शहीद के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया।

देवबंद के थाना क्षेत्र के रणखंडी गांव के रहने वाले अरुण राणा मध्य प्रदेश के मऊ में ट्रेनिंग ले रहे थे। इसी दौरान एक हादसे में अरुण राण गंभीर रूप से घायल हो गए। गुरुवार रात अरुण को दिल्ली स्थित आर्मी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था, लेकिन उपचार के दौरान अरुण ने दम तोड़ दिया। जैसे ही यह खबर उनके परिजनों को पता चली तो घर में कोहराम मच गया।

रुण राणा का पार्थिव शरीर शुक्रवार की सुबह पैतृक गांव रणखंडी पहुंचा तो उसके अंतिम दर्शनों के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। रणखंडी में पहले से ही शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए आस-पास के गांवों के लोग पहुंचे। जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर गांव में पहुंचा तो तमाम लोगों की आंखें नम हो गईं।

शहीद अरुण राणा वर्ष 2009 में सेना में भर्ती हुए थे। तीन साल पहले ही अरुण की शादी हुई थी। शहीद अरुण का एक 2 महीने का बेटा भी है। अरुण की आकस्मिक मौ’त के बाद पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं अन्य परिजनों के आंसू भी रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। परिवार के साथ रणखंडी में भी मातम पसरा हुआ है। यहां यह भी बता दें कि शहीद अरुण का छोटा भाई भी सेना में ही है। छोटे भाई ने ही अरुण के दो माह के बेटे को गोद में लेकर मुखग्नि दिलवाई तो वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें भर आईं।


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