पब्लिक अथॉरिटी घोषित हो सकते हैं राजनीतिक दल..सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार की याचिका


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New Delhi : राजनीतिक दल पब्लिक अथॉरिटी घोषित हो सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सभी पंजीकृत और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को सूचना के अधिकार कानून (आरटीआई) के तहत ‘पब्लिक अथॉरिटी’ घोषित करने का निर्देश देने की मांग वाली याचिका को शुक्रवार को मंजूर कर लिया।

कोर्ट ने इसके लिए कानून मंत्रालय और चुनाव आयोग को नोटिस भी भेजा है। यह याचिका भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता और वकील अश्विनी उपाध्याय की ओर ये दायर की गई थी। उपाध्याय ने याचिका में सभी राजनैतिक दलों को आरटीआई एक्ट की धारा 2 के तहत पब्लिक अथॉरिटी घोषित करने की मांग की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर कर लिया है।

याचिका में यह भी मांग की गई है कि सभी पंजीकृत और मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों को निर्देश दिया जाए कि वे चार सप्ताह के भीतर अपने अपने संगठन में सूचना अधिकारी और अपीलीय अथॉरिटी नियुक्त करें।

जन प्रतिनिधि कानून की धारा 29सी के अनुसार राजनीतिक दलों को मिलने वाले दान की जानकारी भारत के निर्वाचन आयोग को दी जानी चाहिए। यह दायित्व उनकी सार्वजनिक प्रकृति की ओर इंगित करता है। राजनीतिक दलों को चुनाव चिह्न आवंटित करने और आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन में उन्हें निलंबित करने या वापस लेने की भारत के निर्वाचन आयोग की शक्ति उनकी सार्वजनिक प्रकृति की ओर इंगित करता है।


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