रामनवमी आज, जयकारे से गूंजेगा रामनगरी


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राम नवमी का महापर्व इस बार शनिवार व रविवार को दो दिन मनाया जाएगा। इसको लेकर हर तरफ उल्लास का माहौल है। रामनगरी में मंदिर जहां सजधज रहे हैं, वहीं नगरी की परिधि में लाखों श्रद्धालु दाखिल हो चुके हैं। मंदिरों में गीत, संगीत एवं अध्यात्म की त्रिवेणी प्रवाहमान है। समूचा मेला क्षेत्र कथा-प्रवचन व श्रीराम की स्तुतियों से गुंजायमान हो रहा है।

राम जन्मोत्सव का मुख्य आयोजन कनक भवन में शनिवार को होगा। प्रशासन ने सुरक्षा सख्त कर दी है, सुरक्षा की कमान आरएएफ ने संभाल रखी है। ड्रोन कैमरे व सीसीटीवी के जरिए मेलाक्षेत्र की निगरानी की जा रही है। वहीं शनिवार से अयोध्या में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है।

चैत्र रामनवमी मेले को लेकर श्रीराम जन्मोत्सव का दृश्य अयोध्या में सजीव हो उठा है। रामनवमी की पूर्व संध्या से ही नगरी श्रीराम के जन्म को लेकर उत्सव के रंग में डूब गई है। पर्व पर आराध्य के दर्शन-पूजन के लिए देश के कोने-कोने से लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुट गई है। मेले में सुरक्षा सख्त करने के साथ ही सतर्कता बढ़ा दी गई है।

पुलिस व प्रशासन के अफसर मेला क्षेत्र में कैंप कर सुरक्षा व व्यवस्थाओं की मॉनीटिरिंग कर आवश्यक दिशा निर्देश दे रहे हैं। भीड़ के मद्देनजर मेला क्षेत्र में वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है। शुक्रवार को हनुमानगढ़ी दर्शनार्थ भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। लाखों श्रद्धालुओं ने हनुमान जी महाराज के दरबार में माथा टेका।

चटक धूप भी आस्था के आगे बौनी साबित प्रतीत हो रही थी। हनुमानजी महाराज को प्रणाम कर श्रद्धालुओं का हुजूम कनक भवन, रामलला के दरबार में भी हाजिरी लगाना नहीं भूले। मेलाधिकारी एडीएम सिटी वैभव शर्मा ने बताया कि दोनों दिन मिलाकर करीब 15 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

राम नगरी के मठ मंदिरों में जन्मोत्सव की तैयारियां पूरी हो गई हैं। अयोध्या में इस बार भी दो दिन रामनवमी मनाई जाएगी। 13 अप्रैल को सहित दशरथ महल बड़ा स्थान, लाल साहब दरबार, करुणानिधान भवन सहित अन्य मंदिरों में राम जन्मोत्सव की धूम होगी। सांस्कृतिक कार्यक्रम भक्तों की श्रद्धा का केंद्र बने हुए हैं, यहां राम जन्मोत्सव का मुख्य उत्सव होता है।

विभिन्न प्रांतों से आए कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं। दशरथ महल बड़ा स्थान के महंत बिंदुगद्याचार्य स्वामी देवेंद्र प्रसादाचार्य ने बताया कि दोपहर 12 बजे धनुषधारी भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। अबीर गुलाल, पुष्पों की वर्षा होगी। वहीं 14 अप्रैल को श्रीरामजन्मभूमि, मणिराम दास की छावनी, श्रीरामवल्लभा कुंज, जानकी घाट बड़ा स्थान, कोसलेश सदन सहित अन्य मंदिरों में जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

अधिग्रहीत परिसर में विराजमान भगवान श्रीरामलला का जन्मोत्सव 14 अप्रैल को विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के मध्य मनाया जाएगा। हालांकि यहां किसी उत्सव की अनुमति नहीं होती है बावजूद इसके परंपरागत रूप से भगवान रामलला का जन्म उत्सव मनाया जाता है। मंदिर के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि भगवान राम लला का जन्मोत्सव दोपहर 12 बजे हर्षोल्लास पूर्वक मनाया जाएगा। भगवान को सवा क्विंटल पंजीरी का भोग लगेगा। 40 किलो पंचामृत सहित मिष्ठान, फल आदि का प्रसाद वितरित किया जाएगा।

प्रशासन द्वारा रामनवमी के मुख्य पर्व को लेकर रामनगरी की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य कर दिया है। 13 व 14 अयोध्या के अंदर किसी भी तरह के वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। एसपी सिटी अनिल सिंह सिसौदिया ने बताया कि ड्रोन कैमरे व सीसीटीवी से मेलाक्षेत्र व प्रमुख मंदिरों की निगरानी की जा रही है।

बताया कि दो कंपनी आरएएफ, छह एडीशनल एसपी, 14 डिप्टी एसपी, 100 सब इंस्पेक्टर, 600 आरक्षी, सात कंपनी पीएसी, एक कंपनी बाढ़ राहत दल सहित बड़ी संख्या में सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। इसके अतिरिक्त डाग स्कवॉयड, बम स्कवॉयड, एंटी सेबोटाज टीम सहित खुफिया विभाग के कर्मी मेला क्षेत्र में तैनात किए गए हैं। बताया कि मेले में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए बाईपास पर 12 स्थानों पर पार्किंग बनाकर वहां पर बोर्ड लगवा दिए गए हैं।

Source: Amarujala.com


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