अगर अमेरिकी संसद में पास हुआ बिल तो भारत बन जाएगा नाटो का सहयोगी देश


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भारत और अमेरिका के रिश्ते और मजबूत होने वाले हैं। अमेरिकी संसद में करीब आधा दर्जन सांसदों ने भारत को खास दर्जा देने के लिए बिल पेश किया है। अगर ये बिल पास हो जाता है तो यूएस स्टेट डिपार्टमेंट भारत को नाटो (नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन) सहयोगी का दर्जा दे देगा। अमेरिका ऑर्म्स एक्सपोर्ट कंट्रोल ऐक्ट में भी भारत को नाटो सहयोगी देश के तौर पर तरजीह मिलेगी।

ये इस बात का प्रभावपूर्ण संकेत होगा कि डिफेंस डील में भारत अमेरिका की प्राथमिकता में है। पिछले सप्ताह सांसद जो विल्सन ने बिल HR 2123 पेश किया था। वो ‘हाउस फॉरेन अफेयर्स कमिटी’ के वरिष्ठ सदस्य हैं। विल्सन ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और क्षेत्र में स्थिरता का अहम स्तंभ है। भारत ने निर्यात नियंत्रण की नीतियों को लेकर हमेशा प्रतिबद्धता दिखाई है।

विल्सन ने कहा कि US कानून में ये संशोधन भारतीय-प्रशांत क्षेत्र में यूएस-भारत की साझेदारी को सुरक्षा प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा।

नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन ऐक्ट (NDAA), 2017 में भारतीय-अमेरिकी रक्षा साझेदारी को देखते हुए भारत को यूएस के ‘प्रमुख रक्षा सहयोगी’ का दर्जा दिया गया था। इसमें भी भारत के साथ व्यापार और तकनीक साझा करने पर विशेष सहयोग और प्राथमिकता देने की बात कही गई थी। अभी तक नाटो के सहयोगी देश का दर्जा इजरायल, दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और जापान को मिला हुआ है। NDAA 2017 के मूल उद्देश्य को पूरा करने के लिए ऑर्म्स एक्सपोर्ट ऐक्ट में संशोधन किया जाएगा ताकि भारत नाटो के सहयोगी देशों की कतार में आ सके।


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