90 के दशक में कॉमेडी फिल्मों की जान थे सतीश कौशिक..गोविंदा के साथ बनती थी जोड़ी


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New Delhi : अबे भइये…90 के दशक में ये डायलोग तो कई फिल्मों में आपने सुना होगा। अब भइये कहने वाले सतीश कौशिक को भी जानते होंगे। आज उनका जन्मदिन है। जी हां सतीश कौशिक को हिंदी सिनेमा के बेहतरीन कैरेक्टर एक्टर के तौर पर शुमार किया जाता है।

सतीश कौशिक नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से पासआउट हैं और उन्होंने गरीबी देखी और काफी संघर्ष भी किया है। उन्हें अपने लुक्स के चलते भी सिनेमा के क्षेत्र में काफी संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने कभी हार नहीं मानी। आज हम आपको उनके बेहतरीन किरदारों के बारे में बता रहे हैं।

मोहन, क्योंकि मैं झूठ नहीं बोलता : सतीश कौशिक इस फिल्म में भी गोविंदा के साथ नजर आए थे। फिल्म में गोविंदा एक वकील के किरदार में होते हैं और सतीश कौशिक उनके अस्सिटेंट के तौर पर नजर आते हैं। लेकिन गोविंदा फिल्म में इतना झूठ बोलते हैं कि उन्हें एक श्राप मिलता है और वे सिर्फ सच बोलने लगते हैं जिससे उनके जीवन में काफी समस्या आने लगती है।

पप्पू पेजर, दीवाना मस्ताना : गोविंदा और अनिल कपूर की कॉमेडी फिल्म दीवाना मस्ताना में सतीश ने पप्पू पेजर का रोल किया था। आज भी इस फिल्म के फैंस को गोविंदा और पप्पू पेजर के बीच फिल्माया निनटुकले-पिनटुकले डायलॉग याद है।

कैलेंडर, मिस्टर इंडिया : मिस्टर इंडिया में सतीश कौशिक के रोल को कौन भुला सकता है। शेखर कपूर की इस ऐतिहासिक फिल्म में अनिल कपूर के साथी के तौर पर सतीश नज़र आए थे। वे अनिल के पास मौजूद कई बच्चों को संभालते थे।

चंदा मामा, मि. एंड मिसेज खिलाड़ी : अक्षय कुमार और जूही चावला की फिल्म ‘मिस्टर एंड मिसेज खिलाड़ी’ में सतीश अक्षय के मामा के रोल में नजर आए थे जो अक्सर अपने भांजे को किस्म किस्म के आयडिया देता था।

साजन चले ससुराल, मुत्थुस्वामी : इस फिल्म में गोविंदा के साथी की भूमिका निभाई थी सतीश ने। दरअसल गोविंदा एक गांव में रहने वाला शख्स होता है जिसे संगीत में काफी दिलचस्पी होती है। वो शहर जाता है और दक्षिण भारतीय मुत्थुस्वामी को अपना दोस्त बनाता है जो तबला बजाता है।


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