IAS गरिमा ने अपने पैसों से बदल दी आंगनवाड़ी केंद्र की सूरत..बच्चों को दी बेहतर सुविधाएं


0

New Delhi :  आज हम आपको एक ऐसी महिला IAS की स्टोरी बता रहे हैं जिन्होंने अपने पैसों से आंगनवाडी की तस्वीर बदल दी। जी हां हम बात कर रहे हैं पहले IPS और फिर IAS बनी गरिमा सिंह की। गरिमा 2016 बैच की IAS अधिकारी हैं और झारखंड में तैनात हैं।

वह छोटे बच्चों की पढ़ाई को लेकर काफी चिंतिंत रहती हैं और उसके लिए काम कर रही हैं। उन्होंने देखा कि उनकी तैनाती वाले जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत काफी बुरी है तो उन्होंने इसे सुधारने का फैसला लिया और मटवारी मस्जिद रोड पर स्थित आंगनबाड़ी को गोद ले लिया। उन्होंने आंगनबाड़ी की दीवारों पर कार्टून, अंग्रेजी और हिन्दी के कैरेक्टर्स, बच्चों को आकर्षित करने वाली पेंटिंग करवाई।

गरिमा ने आंगनबाड़ी का कायाकल्प करने में अपने लगभग 50,000 रुपए खर्च कर दिए। दिसंबर 2017 के पहले यह आंगनबाड़ी काफी जर्जर हालत में था। लेकिन अब यहां बच्चों के खेलने के लिए खिलौने, पढ़ाई-लिखाई की काफी सामग्री उपलब्ध करवा दी गई है। गरिमा ने बच्चों के लिए चार्ट, सीखने की किताबें उपलब्ध करवाईं जिससे बच्चे खुद ही खेलकूद में कई सारी चीजें सीख जाएं।

गरिमा ने कहा कि आंगनबाड़ी में पहले 22 बच्चों का नामांकन कराना यादगार रहा। गरिमा ने 2012 में अपने पहले ही प्रयास में सिविल सर्विस की परीक्षा पास की थी। तब उन्हें आईपीएस कैडर मिला था और वह यूपी के बुंदेलखंड में तैनात थीं। गरिमा ने यूपी में महिला सुरक्षा हेल्पलाइन 1090 को शुरू करवाने में अहम भूमिका निभाई थी। वह लखनऊ की एएसपी भी रह चुकी हैं। इंजीनियर पिता की बेटी गरिमा वैसे तो डॉक्टर बनना चाहती थीं, लेकिन पिता की चाहत थी कि वह आईएएस बनें।

आईपीएस की नौकरी के दौरान ही उन्होंने तैयारी जारी रखी और एक बार फिर से सिविल सर्विस का एग्जाम दिया। 2015 में उन्होंने यह परीक्षा क्वॉलिफाई की और 55वीं रैंक हासिल की। लखनऊ के पास मोहनलाल गंज में बहुचर्चित रेप कांड में आरोपियों को पकड़ने में भी गरिमा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 2016 में गरिमा की शादी एक इंजीनियर से हुई। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रहने वाली हैं, लेकिन उन्होंने लखनऊ, दिल्ली और नोएडा में अपना जीवन बिताया। वह दिल्ली के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफन कॉलेज की छात्रा रही हैं।


Like it? Share with your friends!

0

0 Comments

Your email address will not be published. Required fields are marked *