योगी के गढ़ गोरखपुर से ताल ठोकेंगे रवि किशन, ये है जातीय समीकरण


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आज़मगढ़ में निरहुआ को अखिलेश यादव के खिलाफ मैदान में उतारने के बाद बीजेपी ने एक और भोजपुरी स्टार रवि किशन पर दांव लगाया है। योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर से अबकी बार रवि किशन ताल ठोकेंगे। वैसे रवि किशन कभी कांग्रेसी हुआ करते थे। 2014 के आम चुनाव में इस सितारे पर कांग्रेस ने जौनपुर से दांव खेला था लेकिन सिल्वर स्क्रीन का ये स्टार चुनावी पर्दे पर कमाल नहीं दिखा पाया। हार हुई और यहीं से शुरू हआ बीजेपी से रवि किशन की नजदीकियों का बढ़ना। 2017 में रवि किशन ने बकायदा बीजेपी ज्वाइन कर लिया।
इन दोनों सवालों का जवाब गोरखपुर सीट के जातीय समीकरण में छुपा है। इस सीट पर सबसे ज्यादा निषाद समुदाय के वोटर हैं।

गोरखपुर सीट पर करीब 3.5 लाख वोट निषाद जाति के लोगों का है। दूसरे नंबर पर ब्राह्मण वोटर्स है..जिनकी तादाद दो लाख के करीब है।
समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी गठबंधन ने इस बार निषाद समाज से ताल्लुक रखने वाले रामभुआल निषाद को गोरखपुर सीट से उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में बीजेपी के सामने रणनीतिक तौर पर गोरखपुर सीट से किसी ब्राह्मण उम्मीदवार को उतारने का ही विकल्प बचा था। रवि किशन ब्राह्मण समाज से ताल्लुक रखते हैं।
और सेलिब्रिटी भी हैं।

इसका जवाब तो 23 मई को ही मिलेगा। फिलहाल गोरखपुर में आलम ये है कि जिस प्रवीण निषाद ने महागठबंधन के उम्मीदवार के तौर पर उप-चुनाव में गोरखपुर सीट पर कब्जा किया था वो अब बीजेपी के पाले में आ गए हैं यानी बीजेपी ने निषाद वोटों में भी हिस्सा तय कर लिया है। महागठबंधन ने इसी निषाद समुदाय के रामभुआल निषाद को टिकट दिया है।

अब सवाल है कि क्या रवि किशन गोरखपुर की जनता के चुनावी पर्दे पर हिट होंगे या फ्लॉप, क्योंकि योगी आदित्यनाथ की ये सीट बीजेपी की परंपरागत सीट भी है और प्रतिष्ठा की सीट भी है जिसे बचाने की ज़िम्मेदारी भोजपुरी स्टार रवि किशन के कंधों पर है।

गोरखपुर सीट का जातीय समीकरण
-सबसे ज्यादा निषाद समुदाय
-3.5 लाख वोट निषाद समुदाय का
-दूसरे नंबर पर ब्राह्मण वोटर्स
 -ब्राह्मण वोटर्स करीब 2 लाख

Source: News24


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