युवती ने कहा-जेल मत भेजिए सर, मेरी सगाई है-चीफ जस्टिस बोले-आपने हमें तो बुलाया नहीं


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New Delhi : सुप्रीम कोर्ट में बेहद अजीब वाकया हुआ है। अदालत में लोग अक्सर अटपटे बहाने करके अपने लिए राहत की मांग करते रहते हैं। सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को दहेज प्रताड़ना के मामले में आरोपी महिला ने अपनी शादी को आधार बनाते हुए सरेंडर के लिए और समय मांगा। मगर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने महिला की मांग को खारिज कर दिया।

सोमवार सुबह सुप्रीम कोर्ट में मेंशनिंग के दौरान दहेज प्रताड़ना के मामले में आरोपी महिला ने बताया, मैं मेरी सगाई 22 अप्रैल को और उसके बाद शादी है। ऐसे में सरेंडर करने की अवधि को बढ़ाया जाए। अगर जेल चली गई तो कोई शादी नहीं करेगा।

ये सवाल-जवाब हुए  :  चीफ जस्टिस- तो आप शादी के बाद सरेंडर करना चाहती हैं? महिला- जी हां, मैं यही चाहती हूं। चीफ जस्टिस- हम इसकी अनुमति नहीं देंगे। जिससे कि दूसरा पक्ष अचंभित न हो। और आपने हमें तो न्योता दिया ही नहीं है।

वहीं, बीएसपी सुप्रीमो मायावती पर चुनाव आयोग के 48 घंटे के बैन के बाद आज सुप्रीम कोर्ट से भी बड़ा झटका लगा। मायावती ने चुनाव आयोग द्वारा लगाए गए बैन हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई। लेकिन सुप्रीम कोर्ट इसे खारिज कर दिया।

वकील दुष्यंत दवे ने कहा की चुनाव आयोग ने बिना मायावती को अपना पक्ष रखने का मौका दिए एकतरफा कार्रवाई करते हुए उनके चुनाव प्रचार पर 48 घंटे की रोक लगा दी है। इस आदेश को रद्द किया जाना चाहिए। इस पर सीजेआई ने कहा हमे नहीं लगता कि इसमे कोई आदेश दिया जाना चाहिए।

यह कहते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मायावती की मांग खारिज की। वहीं उम्मीदवारों द्वारा जाति / धर्म के नाम पर वोट मांगने का मामले में चुनाव आयोग ने बताया कि हमने ऐसे नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की है। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा, ‘लगता है चुनाव आयोग को उसका अधिकार वापस मिल गया है।’ इसके बाद कोर्ट ने कहा – आज हम कोई आदेश नहीं पारित कर रहे हैं।


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