पढिए कौन है शालिनी यादव जो बनारस से PM मोदी को देंगी टक्कर


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New Delhi : PM MODI के खिलाफ वाराणसी लोकसभा सीट पर महागठबंधन की ओर से सपा ने शालिनी यादव को उम्मीदवार बनाया है। वह सोमवार को ही कांग्रेस छोड़कर सपा में शामिल हुई हैं और मोदी को टक्कर देने के लिए अखिलेश यादव ने उन्हें मैदान में उतार दिया। पार्टी में शामिल होने के बाद शालिनी ने कहा, मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में काम करूंगी। मैं उनके दिशा-निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ूंगी।

पेश से शालिनी यादव फैशन डिजाइनर हैं। उन्हें राजनीति अपने ससुर केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय श्याम लाल यादव से मिली है। शालिनी वाराणसी से मेयर का चुनाव लड़ चुकी हैं। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की रहने वाली शालिनी यादव की शादी स्व श्यामलाल यादव के छोटे सुपुत्र अरुण यादव से हुई है। शालिनी बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से इंग्लिश से बीए ऑनर्स किया। इसके बाद उन्होंने फैशन डिजाइनिंग में डिप्लोमा किया।

शालिनी यादव के ससुर श्याम लाल यादव कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे हैं, जिनका कांग्रेस ही नहीं बल्कि गांधी परिवार से कभी सीधा सरोकार हुआ करता था। 1984 में वाराणसी लोकसभा सीट से सांसद चुनी गई थी। इसके बाद राज्यसभा के सदस्य बने और 1988 में राजीव गांधी सरकार में केंद्रीय बने। श्याम लाल यादव राज्यसभा के डिप्टी चैयरमैन भी बने थे।

शालिनी यादव ने अपना सियासी सफर दो साल पहले ही शुरू किया है। शालिनी यादव 2017 में हुए नगर निगम के चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर मेयर पद के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। हालांकि शालिनी यादव बीजेपी की मृदुला जायसवाल से हार कर दूसरे स्थान पर थीं। शालिनी यादव को कुल एक लाख चौदह हजार वोट मिले थे।

2019 के लोकसभा चुनाव में सपा से वाराणसी सीट से चुनावी मैदान में उतरी हैं, जहां उनका सीधा मुकाबला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से है। मोदी दूसरी बार वाराणसी सीट से चुनावी मैदान में हैं।

मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पहले भूतपूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर, कांग्रेस के दिग्गज कमलापति त्रिपाठी, दिवंगत प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री के पुत्र अनिल शास्त्री और केंद्रीय मंत्री रहे BJP के मार्गदर्शक मंडल के सदस्य व वरिष्ठतम नेताओं में से एक मुरली मनोहर जोशी भी यहां से सांसद रह चुके हैं।

1980 में कांग्रेस की वापसी हुई, और कमलापति त्रिपाठी ने इस सीट पर कब्ज़ा किया, और फिर 1984 में भी कांग्रेस के ही श्यामलाल यादव ने वाराणसी से जीत हासिल की। 1989 में जनता दल की टिकट से अनिल शास्त्री सांसद बने, और फिर 1991 से चार चुनाव तक यहां BJP का दबदबा बना रहा, और 1991 में श्रीश चंद्र दीक्षित के बाद 1996, 1998 और 1999 में शंकर प्रसाद जायसवाल ने जीत दर्ज की।

इसके बाद 2004 में कांग्रेस ने फिर वापसी और यहां से राजेश मिश्रा सांसद चुने गए। 2009 में बीजेपी के मुरली मनोहर जोशी और 2014 में नरेंद्र मोदी ने जीत हासिल की थी।


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