Loading...
गुजरात के बाद मुम्बई में बिहारियों पर हमला, नीतीश जी, मोदी जी कहां है आपकी अंतर्आत्मा? – TCN
Connect with us

NAYA-NAYA

गुजरात के बाद मुम्बई में बिहारियों पर हमला, नीतीश जी, मोदी जी कहां है आपकी अंतर्आत्मा?

Published

on

PATNA : गुजरात में बिहार और यूपी को निशाना बनाया जा रहा है। इसी बीच मुम्बई से बुरी खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि यहां भी बिहार और यूपी के लोगों को डराया धमकाया जा रहा है। ताजा अपडेट के अनुसार मुंबई से सटे ठाणे में एक पार्क में बच्ची के साथ 53 साल का बुजुर्ग गंदी हरकत कर रहा था। लाइव बिहार की रिपोर्ट के अनुसार पास में खड़े एक व्यक्ति ने इसका वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। बुजुर्ग को ढूंढ कर मनसे कार्यकर्ताओं ने पहले बुजुर्ग को पीटा और इसके साथ ही उत्तर भारतीयों को टार्गेट किया जाने लगा।

गुजरात-महाराष्ट्र में बिहारियों पर हमले क्यों ? : महाराष्ट्र में एक बार फिर बिहारियों से मारपीट की गयी है। ठाने में उत्तर भारतीयों पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने विरोध किया है। मनसे के अध्यक्ष राज ठाकरे अपनी राजनीति को चमकाने के लिए पिछले 10 साल से कानून और संविधान के साथ खिलवाड़ करते आ रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट 2008 में ही उनकी इस राजनीति को असंवैधानिक ठहरा चुका है। इस मामले में राज ठाकरे गिरफ्तार भी हो चुके हैं। उन्हें इस इस शर्त पर जमानत मिली थी कि वे फिर कभी सामाजिक विद्वेष फैलाने वाला काम नहीं करेंगे। लेकिन इसके बाद भी वे अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे। नरेन्द्र मोदी जी, आपका दिल को बिहार में बसता है, क्या हुआ आपके बिहार प्रेम का ? क्या आपको ये सब दिखायी नहीं पड़ रहा ? नीतीश जी, अब तो आप भाजपा के साथ हैं, कुछ करते क्यों नहीं ?

2008 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि उत्तर भारतीयों के खिलाफ राज ठाकरे का हिंसक आंदोलन संविधान के प्रतिकूल है और ऐसी हिंसा महाराष्ट्र सरकार की विफलता है। उस समय वहां काग्रेस की सरकार थी। केन्द्र में मनमोहन सिंह की सरकार थी। कांग्रेस की सरकारों को कमजोर बता कर उस समय भाजपा ने खूब हमले बोले थे। लेकिन अब तो महाराष्ट्र में भाजपा के मुख्यमंत्री हैं, केन्द्र में भी भाजपा की सरकार है। बिहार और यूपी में अब भाजपा सत्तारूढ़ है। तब फिर इस संविधान विरोधी कार्य के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है ? महाराष्ट्र और देश में सरकारें बदल गयीं लेकिन मनसे की गुंडागर्दी खत्म नहीं हुई है। संविधान की अवहेलना करने वाले राज ठाकरे को जेल में होना चाहिए लेकिन कोई सरकार एक्शन लेने की हिम्मत नहीं दिखा रही। आखिर कानून इतना पंगू क्यों हो गया है ?

2006 में बाल ठाकरे के भतीजे राज ठाकरे ने उनसे विद्रोह कर दिया था। राज ने शिव सेना से अलग हो कर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नाम से एक अलग दल बना लिया था।राज ठाकरे ने मराठियों के बीच अपनी छवि बनाने के लिए खुद को बाल ठाकरे से भी अधिक एग्रेसिव दिखाने की नीति अपनायी। उसने उत्तर भारतीयों लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। 2008 में राज ठाकरे के दल मनसे ने बिहार और यूपी के लोगों पर हमले शुरू कर दिये। बिहार के जो छात्र रेलवे की परीक्षा देने मुम्बई जाते थे मनसे के कार्यकर्ता उनके साथ मारपीट करने लगते थे। 2008 की बात है। जब महाराष्ट्र में बिहारियों पर हमले बढ़ गये तो पटना का एक छात्र राहुल राज बहुत विचलित हो गया। राज ठाकरे की गुंडागर्दी के खिलाफ उसके मन में गुस्सा भर गया। एक दिन वह घर से बिना बताये मुम्बई पहुंच गया। वह राज ठाकरे से मिलना चाहता था लेकिन ये आसान नहीं था।

उसने राज ठाकरे से मुलाकात के लिए जो रास्त चुना वह ठीक नहीं था। राहुल राज ने 27 अक्टूबर 2008 को मुम्बई में एक डबल डेकर बस को हथियार के बल पर अपने कब्जे में ले लिया। उसके हाथ में एक देसी कट्टा था। वह कंडक्टर और ड्राइवर से बार बार कह रहा था कि उसे राज ठाकरे से मिलना है। लेकिन मुमब्ई पुलिस ने उसे चारो तरफ से घेर कर गोलियों से छलनी कर दिया और उसकी मौत हो गयी। पुलिस राहुल राज के पैर में गोली मार कर पकड़ सकती थी लेकिन उसके साथ ऐसा सलूक किया गया जैसे कोई आतंकवादी हो। इस घटना पर महाराष्ट्र और बिहार सरकार के बीच बहुत तनातनी हुई थी।

मनसे कार्यकर्ताओं के हमले में दो उत्तर भारतीय डॉ। अजय और विजय दुबे मारे गये थे। 2012 में महाराष्ट्र के ठाणे में मनसे कार्यकर्ताओं ने उस सिनेमा हॉल पर हमला बोल दिया था जिसमें एक भोजपुरी फिल्म चल रही थी। मनसे ने धमकी दी थी कि वह महाराष्ट्र में भोजपुरी फिल्में नहीं चलने देंगे। इस घटना में कई बिहारी लोग घायल हुए थे। 2009 में भोजपुरी फिल्म अभिनेता मनोज तिवारी के दफ्तर में तोड़फोड़ की गयी थी। 2016 में मुम्बई के घाटकोपर में फल बेचने वाले बिहारियों के साथ राज ठाकरे के गुंडों ने मारपीट की थी। फल से लदे उनके ठेलों को जमीन पर पलट दिया गया था। हिंसा में यकीन रखने वाला एक नेता महाराष्ट्र में पिछले 10 साल से बिहार- यूपी को लोगों के साथ खून खराबा कर रहा है लेकिन उस पर लगाम लगाने वाला कोई नहीं है। क्या एक मदांध नेता देश के कानून से ऊपर है ?

Copyright © 2018 Quaint Media

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

Loading...